रजिष्ट्रेसन शुल्क कति लाग्छ?
जग्गा वा घरको रजिष्ट्रेसन शुल्क मूल्याङ्कन रकमको प्रतिशतमा लाग्छ र प्रदेश तथा स्थानीय तहअनुसार फरक हुन्छ। अपार्टमेन्टमा जहाँसुकै 1% लाग्छ।
| प्रदेश | महानगर | उपमहानगर | नगरपालिका | गाउँपालिका |
|---|---|---|---|---|
| कोशी | 5% | 4.5% | 4% | 2.5% |
| मधेस | 5% | 4.5% | 4% | 2.5% |
| बागमती | 5% | 4.5% | 4.5% | 3% |
| गण्डकी | 5% | 4.5% | 4% | 2.5% |
| लुम्बिनी | 5% | 4.5% | 4% | 2.5% |
| कर्णाली | — | 4% | 3.5% | 2% |
| सुदूरपश्चिम | — | 4% | 3.5% | 2% |
— यो प्रदेशमा महानगरपालिका छैन.
छुट र थप शुल्क
- महिला (एकल स्वामित्व): रजिष्ट्रेसन शुल्कमा 25% छुट, गाउँपालिकामा 30%।
- पति-पत्नी संयुक्त: कुल रजिष्ट्रेसन शुल्क रु. 100 मात्र।
- काठमाडौं उपत्यका (काठमाडौं, ललितपुर, भक्तपुर): रजिष्ट्रेसन शुल्कको 5% बागमती सभ्यता कोष थपिन्छ।
- सबै कारोबारमा: वडा सिफारिस रु. 1,000 र लिखत तयारी करिब रु. 5,000।
पुँजीगत लाभ कर (CGT)
- रु. 10,00,000 भन्दा कमको कारोबारमा CGT लाग्दैन।
- व्यक्ति बिक्रेता: नाफामा (मूल्याङ्कन − किनेको मूल्य) — ५ वर्षभन्दा कम स्वामित्व भए 10%, ५ वर्ष वा बढी भए 7.5%।
- कम्पनी: कुल कारोबार मूल्यको 1.5%।
उदाहरण
काठमाडौं महानगरपालिकामा रु. 1,00,00,000 मूल्याङ्कनको जग्गा, पुरुष खरिदकर्ता: रजिष्ट्रेसन शुल्क रु. 5,00,000 + सभ्यता कोष रु. 25,000 + वडा सिफारिस रु. 1,000 + लिखत रु. 5,000 = खरिदकर्ताले रु. 5,31,000 तिर्छन्। बिक्रेताले रु. 70,00,000 मा किनेको र ५ वर्षभन्दा बढी राखेको भए नाफा रु. 30,00,000 मा 7.5% अर्थात् रु. 2,25,000 CGT कट्टा हुन्छ।